Home National टिकट विवाद ने ली बड़ी करवट, प्रद्युत बोरदोलोई ने छोड़ी कांग्रेस

टिकट विवाद ने ली बड़ी करवट, प्रद्युत बोरदोलोई ने छोड़ी कांग्रेस

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नई दिल्ली। असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी में उपेक्षा और अपमान का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम को कांग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा ने ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है और संकेत दिया कि वे टिकट आवंटन को लेकर नाखुश थे।

बुधवार को मीडिया से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि बोरदोलोई के इस्तीफे से पहले पार्टी नेतृत्व को उनसे बातचीत का अवसर मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि वे टिकट आवंटन को लेकर नाराज थे और हम चाहते थे कि इस पर उनसे बात हो पाती।”

इधर, प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी नेतृत्व पर उन्हें दरकिनार करने और अपमानित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियों से मजबूर होकर उन्हें कांग्रेस से अपना आजीवन संबंध समाप्त करना पड़ा। बोरदोलोई ने कहा, “मैं इस निर्णय से खुश नहीं हूँ, लेकिन पार्टी के भीतर मुझे लगातार उपेक्षा और अपमान का सामना करना पड़ा। मुझे लगा कि नेतृत्व की ओर से कोई सहानुभूति नहीं है।”

उनके इस्तीफे के बाद यह अटकलें तेज हो गई हैं कि वे आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम से ऊपरी असम की राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है, जहां बोरदोलोई लंबे समय से कांग्रेस का प्रमुख चेहरा रहे हैं।

66 वर्षीय बोरदोलोई ने 1998 में मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से जीत के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और 2016 तक लगातार चार कार्यकाल तक विधायक रहे। इस दौरान उन्होंने असम सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का दायित्व संभाला। वर्ष 2019 में वे नागांव लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए।

संगठनात्मक क्षमता और जमीनी पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले बोरदोलोई ने ऊपरी असम में कांग्रेस की स्थिति मजबूत करने और युवा नेताओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।