
सुनहरी और खट्टी-मिट्ठी स्मृतियों को सहेजे रेडियो अपनी जीवन-यात्रा का शतक पूरा करने को है। पूरी दुनिया में रेडियो ने श्रोता वर्ग से जो सम्मान और प्यार हासिल किया वह अन्य किसी माध्यम को न मिला और न कभी मिल सकेगा। विविध इंद्रधनुषी कार्यक्रमों के द्वारा रेडियो ने न केवल मनोरंजन, जागरूकता और शिक्षा संस्कार के वितान को समुज्ज्वल किया बल्कि राष्ट्रीय एकता-अखण्डता के ध्वज को भी थामे रखा। सुदूर दक्षिण के तमिल, कन्नड, मलयालम भाषी जन हों या उत्तर का कश्मीरी-डोंगरी, हिमाचली समुदाय। हरियाणवी, राजस्थानी भाषा के चित्ताकर्षक रंग हो या ब्रज, बुंदेली, बघेली और अवधी बोलियों की मधुमय मृदुल रसधार। पूर्वोत्तर की मिजो, नागा, त्रिपुरा, असम की क्षेत्रीय भाषायी समुद्धि हो या मराठी, गुजराती, पंजाबी की मधुर वाणी।
सभी को रेडियो ने स्वर दिए और विस्तार एवं संरक्षण का रेशमी फलक भी। हिन्दी के राष्ट्रीय प्रसारणों को सम्पूर्ण देश ने सुना और गुना तथा सृजन के सुवासित सुमन पोषित किए। रेडियो ने जन-जन का बाहें फैलाकर स्वागत किया। भारत में तो रेडियो परिवार के सदस्य की तरह रहा और है। आज की पीढ़ी के पास भले ही इलेक्ट्रनिक गैजैट के रूप में मनोरंजन, ज्ञान-विज्ञान और शिक्षा के तमाम संसाधन एवं विकल्प मौजूद हों पर वह संतुष्ट नहीं है। लेकिन पूर्व पीढ़ी के पास केवल रेडियो था और आत्मीय संतुष्टि भी। रेडियो ने भी कभी निराश नहीं किया। खेत की मेड़ पर विराजे रेडियो अपने कृषि कार्यक्रमों से खेत जोतते और फसल काटते किसान को निरन्तर खेती के नवीन तौर-तरीके सिखाते रहे।
पनघट पर गगरियों में जल भरतीं युवतियां और कुएं की जगत पर मधुर गीत बिखेरता रेडियो अपना सा ही जान पड़ता। विरह की अग्नि में जलती कामिनी को रेडियो के गीत मिलन की आस बंधाते। नीम तले चबूतरे पर बैठी पचायतों के बीच भी वह रस बरसाता रहा। विद्यार्थियों का तो संगी ऐसा कि मेज पर रेडियो बजता रहता और उधर कागज पर कलम चलती रहती। बूढ़े-बुजुर्ग के समाचार सुनते समय किसी की क्या हिम्मत की स्टेशन बदल दें। रेडियो एकाकीपन का साथी था तो ज्ञान का खजाना भी। कला, साहित्य, संगीत का प्रसारक था तो कृषि, ज्ञान-विज्ञान के नित नवीन शोधों का संचारक भी। रेडियो पर संकट के बादल छाये पर उसने अपनी प्रकृति और जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा। श्रोता कभी बहका पर कहीं टिक न सका, संतुष्टि ना पा सका और लौट कर रेडियो की शरण ली; ज्यों जहाज को पंछी उड़ि जहाज पर आयो।
13 फरवरी विश्व रेडियो दिवस

वैश्विक स्तर पर जन जागरूकता के लिए दिवस मनाने की परम्परा रही है जिस पर लक्ष्य और विषय निर्धारित कर आयोजन किये जाते हैं। पर रेडियो के पास अपना कोई दिवस न था। तो इस कमी को पूरा करने की दुष्टि से 20 अक्टूबर 2010 को स्पेनिश रेडियो अकादमी के अनुरोध पर स्पेन ने संयुक्त राष्ट्र संघ में रेडियो को समर्पित विश्व दिवस मनाने हेतु सदस्य देशों का ध्यानाकर्षण किया। जिसे स्वीकार कर संयुक्त राष्ट्र संध के शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन यूनेस्को ने पेरिस में आयोजित 36वीं आम सभा में 3 नवम्बर 2011 को घोषित किया कि प्रत्येक वर्ष 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस मनाया जायेगा। उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी को ही संयुक्त राष्ट्र की ‘रेडियो यूएनओ’ की वर्षगांठ भी होती है क्योंकि 1946 को इसी दिन वहां रेडियो स्टेशन स्थापित हुआ था। और तब पहली बार 13 फरवरी 2012 को यह विश्व रेडियो दिवस उमंग-उत्साह पूर्वक पूरी दुनिया में मनाते हुए रेडियो के सफरनामे को याद किया गया।
इस आयोजन में विश्व की प्रमुख प्रसारक कंपनियों को बुलाया गया था जिसमें 44 भाषाओं में कार्यक्रम प्रसारित करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी एवं पुरानी कंपनी रेडियो रूस भी शामिल हुई। वर्ष 2012 और 13 में कार्यक्रम की कोई थीम नहीं रही पर उसके बाद प्रत्येक वर्ष कोई एक मुख्य विषय तय कर उसी थीम पर विश्व में कार्यक्रम सम्पन्न किए जाते रहे हैं। लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण (2014), युवा और रेडियो (2015), संघर्ष और आपातकाल के समय रेडियो (2016), रेडियो इज यू (2017), रेडियो और खेल (2018) के वैश्विक आयोजन के चर्चा-विषय निश्चित थे। वर्तमान वर्ष का विषय है ‘संवाद, सहिष्णुता और शांति’ जो सामयिक है और आवश्यक भी। विश्व के सभी देशों के रेडियो प्रसारकों और श्रोताओं को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल अपने उद्देश्यों में सफल रही है।
भारत में रेडियो प्रसारण के शुरुआती प्रयास बहुत सफल नहीं रहे। कुछ उत्साही आपरेटरों ने 20 अगस्त 1921 को अनधिकृत रूप से बम्बई, कलकत्ता, मद्रास और लाहौर से प्रसारण किया पर वे उसे आगे न ले जा सके। निजी ट्रासमीटरों के द्वारा 1924 में मद्रास प्रेसीडेंसी क्लब ने प्रसारण आरम्भ किया गया पर उसने तीन वर्ष में ही दम तोड़ दिया। 1927 में स्थापित रेडियो क्लब बाम्बे भी 1930 में आखिरी सांस ले कर मौन हो गया। 1936 में ‘इम्पीरियल रेडियो आफ इंडिया’ की शुरुआत हुई जो आजादी के बाद ‘आल इंडिया रेडियो’ के नाम से विख्यात हुआ। 1957 को आल इंडिया रेडियो का नाम बदलकर ‘आकाशवाणी’ कर दिया गया।
‘बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय’ के अपने ध्येय वाक्य के साथ आकाशवाणी 27 भाषाओं में शैक्षिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक, सामाजिक, खेलकूद, युवा, बाल एवं महिला तथा कृषि एवं पर्यावरण सम्बंधी प्रस्तुतियों से सम्पूर्ण देश को एकता के सूत्र में पिरोते हुए सुवासित परिवेश निर्मित कर रही है। साथ ही शेष विश्व को भारतीय संस्कृति और साहित्य से परिचित भी करा रही है। 2 अक्टूबर 1957 को स्थापित ‘विविध भारती’ ने 1967 से व्यावसायिक रेडियो प्रसारण शुरु कर नये युग में प्रवेश किया। आजादी के समय भारत में केवल 6 रेडियो स्टेशन थे जिनके कार्यक्रमों की पहुच केवल 11 प्रतिशत आबादी तक ही थी। पर आज भारत में 250 से अधिक रेडियो स्टेशन 99 प्रतिशत आबादी से आत्मीय रिश्ता जोड़े हुए हैं। रेडियो ने विभिन्न तरंग आवृत्तियों पर प्रसारण किया जिसे श्रोता मीडियम वेब, शार्ट वेब के रूप में जानते हैं। बड़ी इमारतों, पहाड़ों के अवरोधों से मुक्त मीडियम वेव देशी प्रसारण है जो पूरे भारत के अलावा पड़ोसी देशों में भी सुना जा सकता है। पर शार्ट वेब अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक क्षेत्रफल पर ध्वनि की उच्च गुणवत्ता के साथ भारतीय प्रस्तुतियों को सुन आनन्द लिया जा सकता है।
सत्तर के दशक में टेलीविजन के आने से लगा कि रेडियो की असमय मौत हो जायेगी पर सभी आशंकाएं निर्मूल सिद्ध हुई और रेडियो कहीं अधिक प्रखर एवं प्रभावी होकर प्रकट हुआ। रेडियो का श्रोता वर्ग बजाय छिटकने के और अधिक जुड़ा। इसी बीच एएम चैनल आया पर प्रभावित नहीं कर पाया और काल के गाल में समा गया। लेकिन 23 जुलाई 1977 को चेन्नै में एफएम चैनल ने आते ही ध्वनि की उच्च गुणवत्ता एवं कार्यक्रमों की विविधता के बल पर धूम मचा दी और देश भर में छा गया। 1993 में निजी एफएम चैनल आने से श्रोताओं की पौ बारह हो गई। और अब तो जमाना है डिजिटल रेडियों का। मोबाइल पर सवार होकर रेडियो श्रोताओं की जेब में समा गया। बड़े आकार और नाब घुमाने वाले रेडियो तो अतीत के चित्र हो गये।
रेडियो ने उद्घोषकों एवं समाचार वाचकों मैल्वेल डिमैलो, देवकीनंदन पांडे, अमीन सयानी, सुरेश सरैया और जसदेव सिंह को नायक बना दिया। उनकी आवाज ही पहचान बन गई। रेडियो ने अपनी यात्रा के प्रारम्भ से ही समाज में शिक्षा के प्रचार प्रसार, जन-जागरूकता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक बहस को अपने सोच के केंद्र में रखा था। पूर्व महासचिव वान की मून का कथन आज भी प्रासंगिक है,,‘‘रेडियो हमारा मनोरंजन करता है, हमें शिक्षित करता है, हमें सूचनाओं और जानकारियों से लैस करता है और सारी दुनिया में लोकतांत्रिक बदलावों को प्रोत्साहित करता है।” रेडियो और आदमी का यह प्रेम पगा रिश्ता नित नवल आयाम स्थापित करते हुए सरस यात्रा पर सतत् गतिमान रहेगा, ऐसा ही विश्वास है।
लेखक पर्यावरण, महिला, लोक संस्कृति, इतिहास एवं शिक्षा के मुद्दों पर दो दशक से शोध एवं काम कर रहे हैं।





































It’s wonderful that you are getting thoughts from this piece of writing as well
as from our argument made at this place.
Remarkable issues here. I’m very happy to see your article.
Thank you a lot and I’m having a look ahead to contact you.
Will you please drop me a mail?
purchase amoxil generic – comba moxi buy amoxil generic
diflucan 100mg generic – click buy diflucan online cheap
cenforce 50mg us – https://cenforcers.com/# cenforce generic
does cialis shrink the prostate – https://ciltadgn.com/ best price on generic cialis
cialis insurance coverage blue cross – cialis for daily use reviews cialis online without perscription
buy female viagra – viagra pill 50mg sildenafil 100mg coupon
Facts blog you be undergoing here.. It’s obdurate to assign elevated quality belles-lettres like yours these days. I really appreciate individuals like you! Withstand vigilance!! ciclo de synthroid
More articles like this would pretence of the blogosphere richer. https://buyfastonl.com/isotretinoin.html
More posts like this would persuade the online elbow-room more useful. https://ursxdol.com/synthroid-available-online/
This is the stripe of serenity I have reading. https://prohnrg.com/product/metoprolol-25-mg-tablets/
This website positively has all of the information and facts I needed there this participant and didn’t positive who to ask. https://aranitidine.com/fr/en_ligne_kamagra/
More articles like this would pretence of the blogosphere richer. https://ondactone.com/product/domperidone/
With thanks. Loads of conception!
purchase methotrexate pills
I’ll certainly return to be familiar with more. http://iawbs.com/home.php?mod=space&uid=914830
dapagliflozin generic – https://janozin.com/# buy dapagliflozin for sale
how to get xenical without a prescription – purchase orlistat without prescription order xenical 120mg pill
The thoroughness in this break down is noteworthy. http://bbs.51pinzhi.cn/home.php?mod=space&uid=7112582
You can conserve yourself and your family by way of being wary when buying pharmaceutical online. Some pharmacopoeia websites control legally and provide convenience, secretiveness, sell for savings and safeguards to purchasing medicines. buy in TerbinaPharmacy https://terbinafines.com/product/strattera.html strattera
More posts like this would force the blogosphere more useful. oral priligy 90mg
This website exceedingly has all of the tidings and facts I needed to this subject and didn’t know who to ask.
betmgmpa betmgm-play betmgm Pennsylvania
Feel the taste of victory with your first bets. crown coins casino official website offers a mobile version for convenience. Join the community of lucky players.
Discover why players love Sweet Bonanza: endless tumbles, scatters, and huge win potential. Free spins sweet bonanza sugar rush with bombs = massive multipliers. Dive in!
Unleash the beast within for heart-pounding slot action. buffalo slot online features thundering bonus rounds, wild buffalo stacks, and massive cashouts that redefine winning. Spin and conquer!
Chumba Casino: free coins, huge excitement, real prizes. Claim your welcome chumba casino $1 for $60 bonus and discover why everyone’s talking about us. Join today!
Weekly $100,000+ giveaways. Daily races. Monthly contests. stake sportsbook rewards you for playing — not just for depositing.
Unleash the fun at DraftKings blackjack Casino. New welcome: 500 spins after $5 + up to $1,000 back on day one. Live dealers, slots, jackpots—all here!
Uspora az 80 % na lecbe bez kompromisu v kvalite!
opravdovalekarna.cz
Solder together the millions delightful big on fanduel casino North Dakota – the #1 legitimate coins casino app in America.
Reach your $1000 WITH IT AGAIN gratuity and turn every twirl, хэнд and rotate into legitimate cash rewards.
Fast payouts, immense jackpots, and continuous effect – download FanDuel Casino in these times and start playing like a pro today!