मुंबई। मॉनसून की आहट के साथ ही मुंबई का समंदर का किनारा पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है। मगर मुंबई पुलिस द्वारा सुरक्षा अलर्ट के अनुसार, समंदर का किनारा ऊंचे-ऊंचे हाईटाइड और रंग-बिरंगी आकर्षक जेलीफिश की वजहों से खतरनाक साबित हो सकता है। इसीलिए मुंबई पुलिस ने इन दिनों सागर के किनारों से दूर रहने की सलाह दी है।
ताजा जानकारी के अनुसार, मॉनसून के दौरान भारी बारिश होने की वजह से गिरगांव, जुहू, वर्सोवा और मढ़-मार्वे जैसी चौपाटियों पर जेलीफिश आ जाती हैं। यह जेलीफिश वजन में काफी हल्की होती हैं। इसके चलते ये समंदर में उठने वाले हाईटाइड की वजह से लहरों के साथ किनारे आकर जमा हो जाती हैं। चूंकि, ये जेलीफिश देखने में आकर्षक होती हैं, इसलिए पर्यटक इनके नजदीक जाते हैं और इन समुद्री जंतुओं का शिकार हो जाते हैं। इन दिनों चौपाटियों पर ‘ब्लू बटन’, ‘ब्लू बॉटल’ और ‘ब्लू बॉक्स’ जेलीफिश के भारी मात्रा में आने की संभावना है। इनमें ‘ब्लू बॉटल’ जेलीफिश जहरीली मानी जाती है।
गिरगांव और जुहू चौपाटी पर कहीं-कहीं अभी से ही ये जेलीफिश दिखनी शुरू हो गई हैं, जिनका विडियो इन दिनों सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टिट्यूट ने लोगों को इन जेलीफिश से दूर रहने की सलाह दी है। किसी कारणवश लोग इन जहरीली जेलीफिश के डंक का शिकार हो जाते हैं, तो वे जख्म वाली जगहों पर गर्म पानी, स्पिरिट या अल्कोहल लगाकर सूजन (दर्द) कम कर सकते हैं।




































