
नई दिल्ली। नेता का आतंकवादी कनेक्शन। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद से संबंधित एक मामले के सिलसिले में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष वहीद उर रहमान पर्रा को दो दिन की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। एनआईए पर्रा से दिल्ली मुख्यालय में सोमवार से पूछताछ कर रही थी। पर्रा ने हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में आगामी जिला विकास परिषद चुनावों के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। पर्रा हाल में बने गुपकार गठबंधन में भी शामिल हैं।
दक्षिणी कश्मीर, खासकर आतंकवाद से प्रभावित पुलवामा में पीडीपी के पुनरुद्धार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पर्रा ने पीटीआई-भाषा को बताया था कि एनआईए ने उनसे उनके राजनीतिक करियर और पीडीपी की राजनीति के बारे में पूछा। पर्रा से पहले दिन एनआईए ने करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी।
पर्रा पर जम्मू कश्मीर के निलंबित डीएसपी देविंदर सिंह आतंकी मामले से जुड़े होने का भी आरोप है। इसके अलावा पर्रा पर हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर निबिड़ बाबू के साथ गिरफ्तार किए गए उनके मददगार इरफ़ान मीर से रिश्ते रखने का भी आरोप है। एनआईए ने दूसरे दिन की पूछताछ में पर्रा से देविंदर सिंह मामले के आर्थिक पहलू के बारे में भी पूछताछ की। देविंदर सिंह को इस साल की शुरुआत में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों के साख श्रीनगर-जम्मू हाईवे पर गिरफ्तार किया गया था। आतंकी नावेद बाबू को हथियार सप्लाई करने के आरोपी पूर्व भाजपा नेता तारिक मीर ने पूछताछ के दौरान पर्रा का नाम लिया था। अब कश्मीर धीरे-धीरे तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। अभी तक देश बड़े अँधेरे में था।




































