आगरा। कोरोना संक्रमण को लेकर प्रदेश में ताजनगरी आगरा की हालत सबसे ख़राब है, कोरोना वायरस का खतरा अब सेंट्रल जेल पर भी मंडराने लगा है। कारण यहां झांसी जिले के रहने वाले एक सजायाफ्ता कैदी की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसे हाई ब्लड प्रेशर व ब्रेन स्ट्रोक के चलते बीते दिनों से एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। इसके बाद उसके संपर्क में आए 14 अन्य कैदियों को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। इन सभी की सैंपलिंग होगी।
ब्रेन स्ट्रोक होने पर एसएन मेडिकल कॉलेज में हुआ इलाज
झांसी का रहने वाला 60 वर्षीय बंदी हत्या के मामले में आगरा सेंट्रल जेल में सजा काट रहा है। वह पिछले साल दिसंबर माह में यहां लाया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार, तीन मई को ब्रेन स्ट्रोक होने पर उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। उस समय बंदी का टेस्ट कराया गया था। बंदी तब से वहीं भर्ती है। बुधवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

डीआईजी बोले- संपर्क में आने वालों की होगी सैंपलिंग
डीआईजी जेल लव कुमार ने बताया कि सभी बंदियों की मुलाकात मार्च माह से बंद है। स्टॉफ को भी सैनिटाइज होने के बाद अंदर जाने दिया जाता है। बंदी के संपर्क में आए बैरक के 14 बंदियों को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। इसके अलावा बंदी की दोबारा सैंपल लेकर कोरोना टेस्ट कराया जाएगा।
कैसे हुआ संक्रमित, उठे सवाल
बंदियों की मुलाकात बंद है। वह इलाज के लिए बाहर नहीं गया। इसके बाद वह कैसे संक्रमित हो गया? इसे लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पहले यह आशंका जताई जा रही थी, कि वह एसएन में भर्ती होने के दौरान संक्रमित हुआ होगा, लेकिन बंदी का कोरोना टेस्ट भी चार मई को हुआ है। इतनी जल्दी पॉजिटिव रिपोर्ट आने में संशय है। आशंका यह भी है कि, जेल परिसर में ही किसी बंदी रक्षक के संपर्क में आकर वह संक्रमित हुआ है।
आगरा में अब तक 16 की गई जान
प्रदेश में बीते 24 घंटे में 155 कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। इसके साथ ही संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 3159 हो गई है। इसमें एक्टिव केस 1824 हैं और 1152 जमाती शामिल हैं। मौतों का आंकड़ा 60 पहुंच गया है। कोरोना की चपेट में सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बने आगरा में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते 24 घंटे में यहां एक महिला सिपाही समेत तीन की मौत हुई। आगरा में अब तक 655 संक्रमित मिल चुके हैं।





































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