नई दिल्ली। रिलायंस रिटेल ऑनलाइन रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनियों, ऐमजॉन और वॉलमार्ट-फ्लिपकार्ट को जोरदार टक्कर देने के लिए तैयार है। वैश्विक बाजार पर अनुसंधान करने वाली कंपनी फॉरेस्टर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अभी 6,600 शहरों में 10,415 स्टोर का संचालन करने वाली रिलायंस रिटेल देश के ऑनलाइन मार्केट पर छाने को तैयार है।
ऑनलाइन रिटेल सेक्टर में 2023 तक वृद्धि का अनुमान
फॉरेस्टर रिसर्च के सीनियर फोरकास्ट ऐनालिस्ट सतीश मीना ने कहा, ‘ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट को जो चीजें परेशान करेंगी, उनमें एक है भारी छूट के साथ बिजनस का आगाज करने का रिलायंस का इतिहास।’ फोरेस्टर रिसर्च के मुताबिक, ‘देश का ऑनलाइन रिटेल सेक्टर 2023 तक 25।8 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ते हुए 85 अरब डॉलर (करीब 60 खरब रुपये) का हो जाएगा। बड़ी बात यह कि इतनी बड़ी वृद्धि नवंबर 2016 में नोटबंदी के ऐलान, जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने और दिसंबर 2018 में ई-कॉमर्स सेक्टर के लिए नई नीतियों के ऐलान से पैदा हुई परेशानियों के बावजूद होगी।’
रिलायंस ने साल 2003 में मॉनसून हंगामा टैरिफ प्लान के साथ टेलिकॉम सेक्टर में कदम रखा था जिससे वॉइस कॉल के लिए तब 2 रुपये प्रति मिनट की दर गिरकर महज 40 पैसे प्रति मिनट की दर पर आ गई थी। उसके बाद 2016 में जियो 4जी की लॉन्चिंग से इंटरनेट पैक की तत्कालीन दर 250 रुपये प्रति जीबी से घटकर सीधे 50 रुपये प्रति जीबी पर आ गई।
ऑनलाइन-टु-ऑफलाइन न्यू कॉमर्स प्लैटफॉर्म की तैयारी में रिलायंस
मीना ने कहा, ‘इस तरह के डिस्काउंट ऑफर्स किसी भी बाजार में खलबली मचा सकते हैं और हमें रिलायंस की लॉन्चिंग के वक्त ग्रोसरी में इसी तरह की भारी छूट के ऐलान की उम्मीद है।’ रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी के मुताबिक, रिलायंस बहुत तेज गति से दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन-टु-ऑफलाइन न्यू कॉमर्स प्लैटफॉर्म तैयार कर रही है।




































