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मध्यप्रदेश में जुलाई में भी नहीं खुलेंगे स्कूल: शिवराज सिंह

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भोपाल। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मध्यप्रदेश में जुलाई में भी स्कूल बंद रहेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को स्व सहायता समूह से बातचीत के दौरान यह बात कही। इसके बाद तय हो गया है कि अब मध्यप्रदेश में जुलाई में भी स्कूल नहीं खुलने वाले हैं। इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग 30 जून तक सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ शैक्षणिक संस्थाओं में छुटि्टयां घोषित कर चुका था। इसमें छात्रों के साथ ही शिक्षकों को भी स्कूल से अवकाश दिया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना को देखते हुए अभी के हालात ठीक नहीं हैं। ऐसे में बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जा सकता है। अब जुलाई में भी स्कूल नहीं खुलेंगे, लेकिन जून के अंत में इसको लेकर एक बैठक होगी। उसके बाद ही आगे के फैसले किए जाएंगे। मैं इतना कह सकता हूं कि जुलाई में स्कूल बंद ही रहेंगे।

मध्यप्रदेश स्कूल विभाग ने 4 मार्च को शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए सभी शिक्षण संस्थाओं में अवकाश घोषित किए थे। इसके बाद कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए 23 अप्रैल को नया आदेश जारी किया गया। इसमें प्रदेश के सभी शासकीय और प्राइवेट स्कूलों और शिक्षण और प्रशिक्षण संस्थाओं में छात्रों और शिक्षकों के लिए 7 जून तक अवकाश घोषित कर दिया गया था। बाद में कोरोना को लेकर सचिव, गृह विभाग, भारत सरकार ने 30 मई को नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। उसके बाद राज्य सरकार के आदेश पर विभाग ने 30 जून छुट्‌टी घोषित कर दी थी।

स्कूल खुलने की गाइडलाइन बनाई जा रही है
लोक शिक्षण को मानव संसाधन विभाग मंत्रालय की गाइडलाइन के आने का इंतजार है। इसके साथ ही अन्य बोर्ड द्वारा जारी निर्देशों का आंकलन कर एक आदर्श गाइडलाइन तैयार की जाएगी। सभी पक्षों और बच्चों के हित और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए प्रदेश में स्कूल खोलने का निर्णय लिया जाएगा। उसके बाद ही सरकारी समेत निजी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। बच्चों की पढ़ाई पर कोई प्रभाव न पड़े, इसलिए सरकारी समेत सभी प्राइवेट स्कूलों में ऑनलाइन क्लास ली जा रही हैं।

हायर सेंकंडरी की परीक्षाएं 16 जून तक
एमपी बोर्ड की स्थगित परीक्षाएं 9 जून से शुरू हो चुकी हैं। यह परीक्षाएं 16 जून तक आयोजित की जाएंगी। परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से पहले सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है। छात्रों को प्रवेश पत्र पर प्राचार्य के साइन की भी जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं, कोरोना के कारण पेपर नहीं दे पाने वाले छात्रों के लिए विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी।

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