
नई दिल्ली। केंद्र कराकर ने की बड़ी कार्यवाही। सरकार ने खालिस्तान समर्थक संगठनों से संबद्ध 12 वेबसाइटों को प्रतिबंधित करने की घोषणा की है। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि प्रतिबंधित वेबसाइटों में से कुछ को सीधे तौर पर गैरकानूनी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (एसएफजे) द्वारा संचालित किया जा रहा था। वेबसाइटों पर खालिस्तान समर्थक सामग्री थी। नाम उजागर ना करने की शर्त पर एक सूत्र से कहा, ‘‘इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत 12 वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।’’ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भारत में साइबरस्पेस की निगरानी का अधिकार प्राप्त है।
‘एसएफजेएए4फार्मर्स’, ‘पीबीटीम’, ‘सेवा413’, ‘पीबी4यू’, ‘साडापिंड’ प्रतिबंधित वेबसाइटों में शामिल हैं। इनमें से कुछ प्रतिबंधित वेबसाइटों को खोजने पर अब यह संदेश आ रहा है, ‘‘ आपके द्वारा जिस ‘यूआरएल’ का अनुरोध किया गया है, उसे भारत सरकार के दूरसंचार विभाग से प्राप्त निर्देशों के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए प्रशासक से सम्पर्क करें।’’ गृह मंत्रालय ने पिछले साल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए ‘एसएफजे’ पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार ने अलगाववादी गतिविधियों का समर्थन करने के लिए ‘एसएफजे’ से संबद्ध 40 वेबसाइटों पर जुलाई में प्रतिबंध लगा दिया था।
देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार कोई कोताही बरतना नहीं चाहती और यही बजह है कि केंद्र सरकार धड़ाधड़ असुरक्षित sits को बंद करती जा रही है।




































